हर्बिनजर टुडे डेस्क। राष्ट्रीय स्वयं सुरक्षा संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी दिनेश मलिक के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों—देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रहित को समर्पित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं द्वारा गंगा घाटों की व्यापक सफाई, भव्य गंगा आरती, गौसेवा एवं जनजागरण अभियान चलाकर समाज को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों के दौरान स्वयंसेवकों ने गंगा घाटों से प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया तथा माँ गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए भव्य गंगा आरती का आयोजन किया। गौशालाओं में गौसेवा कर भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा के संरक्षण का संकल्प भी दोहराया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी दिनेश मलिक ने अपने जन्मोत्सव को व्यक्तिगत उत्सव न मानते हुए इसे समाज सेवा के रूप में मनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार हैं। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने में अपना योगदान दे। गंगा में प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा, कपड़े अथवा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट न डालें तथा समय-समय पर घाटों की सफाई एवं गौसेवा जैसे पुण्य कार्यों में सहभागी बनें।”
उन्होंने कहा कि समाज में सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करके ही एक सशक्त, समरस एवं जागरूक राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
राष्ट्रीय स्वयं सुरक्षा संघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष रेशू चौधरी के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर श्री रेशू चौधरी ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि “उत्तराखंड को नशामुक्त, स्वच्छ एवं संस्कारित प्रदेश बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण, गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सुरक्षा संघ आगे भी समाजहित, पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, गौसंवर्धन एवं जनजागरण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन को जोड़ने का कार्य निरंतर करता रहेगा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों ने माँ गंगा की स्वच्छता, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता एवं नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
