हर्बिनजर टुडे डेस्क । एसोचैम इंडिया वाटर लीडरशिप कॉन्क्लेव 2025 ने भारत के जल-सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक ठोस और एकीकृत रोडमैप तैयार करने के लिए राष्ट्रीय नेताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को एक साथ लाकर संवाद और सहयोग का नया आयाम स्थापित किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ. राज भूषण चौधरी, माननीय राज्य मंत्री, जल मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय ने एकीकृत जल शक्ति मंत्रालय के तहत भारत की प्रमुख प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), AMRUT 2.0 और हर घर जल जैसी पहलें, जो अब ग्रामीण घरों के 80% से अधिक हिस्से को कवर करती हैं, ने जल आपूर्ति, संरक्षण और पुनः उपयोग में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सुधार प्रदान किए हैं।
एसोचैम द्वारा जल उपयोग दक्षता (WUE) लक्ष्यों को अपनाने की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “एक उद्योग संघ के रूप में एसोचैम जल सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को बढ़ावा देने, जल-तकनीक स्टार्टअप्स का समर्थन करने, जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देने और नीतियों को जमीन स्तर की वास्तविकताओं के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस प्रतिबद्धता की सराहना की और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एसोचैम को बधाई दी। उन्होंने उद्योग जगत द्वारा पानी के उपयोग की दक्षता बढ़ाने, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने, ट्रीटेड अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने और वॉटर फुटप्रिंट को कम करने की सक्रिय पहलों को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि इस तरह की यह पहलें माननीय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के विजन में महत्वपूर्ण योगदान देंगी और भारत को जल-सुरक्षित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
